Peepal ya Ekant Sthal (guru ke saath) - An Overview
* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
Gupt Navratri is very vital for people who are deeply involved with the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to attain results in Exclusive sadhana and also to receive blessings in the Guru.
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से more info बांधें।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।
फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।